श्रीनगर, 29 मई; कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार श्री अमरनाथ की वार्षिक यात्रा की समयावधि और श्रद्धालुओं की संख्या में कटौती करने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार इसे 15 दिन के लिए सीमित किया जा सकता है। अंतिम फैसला श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की अगले सप्ताह प्रस्तावित बैठक में लिया जाएगा।
गौरतलब है कि बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा 23 जून से शुरू होनी प्रस्तावित थी और 3 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होनी थी। कोरोना संक्रमण के कारण 1 अप्रैल से प्रस्तावित एडवांस पंजीकरण अभी आरंभ नहीं हो पाया और तीन बार टालना पड़ा।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार पंजीकरण के अलावा यात्रा मार्ग की सफाई का काम भी शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में यात्रा 23 जून से आरंभ करना संभव नहीं दिखता। ऐसे में यात्रा की अवधि में कटौती तय है।
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श्राइन बोर्ड जुलाई माह के दूसरे पखवाड़े से यात्रा आरंभ करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या भी सीमित रहेगी। सिर्फ बालटाल रास्ते से ही अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि सिर्फ छड़ी मुबारक को ही पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करते हुए पहलगाम के रास्ते पवित्र गुफा तक जाने की अनुमति होगी।
अगर यात्रा मार्ग में कोई बाधा आती है तो भगवान शंकर की छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरी के नेतृत्व में हेलीकॉप्टर के जरिए पवित्र गुफा तक पहुंचाया जाएगा।
समुद्र तल से 3888 मीटर पर है पवित्र गुफा
बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा समुद्रतल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसमें भगवान बर्फ के शिवलिंग के तौर पर प्रकट होते हैं। प्रतिवर्ष जून माह से आरंभ होने वाली श्रावण मास की पूर्णिमा पर समाप्त होती है।
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