RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शशांक शेखर का 28 साल बाद रुद्राभिषेक

अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शशांक शेखर का 28 साल बाद रुद्राभिषेक

अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शशांक शेखर का 28 साल बाद रुद्राभिषेक
Visual Archive

अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शशांक शेखर का 28 साल बाद रुद्राभिषेक

अयोध्या, 10 जून ;  श्री राम जन्मभूमि परिसर के समतलीकरण के बाद यहां पर राम मंदिर का निर्माण शुरू हो इससे पहले बुधवार को श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने भगवान शशांक शेखर का अभिषेक किया।



भगवान शशांक शेखर राम जन्मभूमि परिसर में ही कुबेर टीला पर विराजे  भगवान भोलेनाथ का शास्त्रों में वॢणत नाम है।

बीते दिनों समतलीकरण के दौरान राम जन्मभूमि परिसर का भ्रमण कर रहे महंत कमल नयन दास की निगाह कुबेर टीला पर स्थित भगवान शशांक शेखर की ओर गई और उसी समय उन्होंने तय किया कि जिस प्रकार भगवान राम ने लंका विजय के पूर्व  रामेश्वरम में भोलेनाथ की पूजा की उसी तरह श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से पहले वह शशांक शेखर के रूप में  भोले की पूजा करेंगे।

यह भी पढ़ें-अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू : जमीन समतलीकरण कार्य जारी

अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में कुबेर टीले पर कुबेरश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। यहां 28 साल से यह पूजा नही हुई थी।

रुद्राभिषेक में महंत कमलनयन दास, अध्यक्ष कन्हैया दास और आचार्य आनन्द शास्त्री मौजूद थे। विश्व की बाधाएं दूर करने और राममंदिर निर्माण के लिए शंकरजी का अभिषेक हुआ।

महंत कमलनयन दास ने बुधवार को करीब दो घंटा तक (सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक) अभिषेक किया। महंत कमल नयन दास ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार भगवान शिव की उपासना के बाद भगवान श्री राम का लंका विजय का अभियान निर्विघ्न संपन्न हुआ। उसी प्रकार यहां पर शशांक शेखर की पूजा के बाद श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य निर्विघ्न फलीभूत होगा।

ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका विजय के पहले रामेश्वरम में शिव की आराधना की थी, उसी विरासत के अनुरूप रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से पूर्व शिव की आराधना संपन्न की गई।



आज के इस शिवलिंग पूजन को लेकर उत्साहित कमलनयनदास के अनुसार इसके पीछे मकसद भव्य राममंदिर निर्माण से पूर्व भूतभावन भगवान शिव को प्रसन्न करना है।

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta June 10, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

क्या भगवान श्रीराम ने भी श्राद्ध किया था? सच जानकर चौंक जाएंगे!

क्या भगवान श्रीराम ने भी श्राद्ध किया था? सच जानकर चौंक जाएंगे! भारतीय संस्कृति में श्राद्ध एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। इसका उद्देश्य अपने दिवंगत…

Read now
Hinduism

भोलेनाथ को नहीं भाते ये 3 फूल – जानिए क्यों (शास्त्र प्रमाण सहित)

भोलेनाथ को नहीं भाते ये 3 फूल – जानिए क्यों(शास्त्र प्रमाण सहित) सावन मास में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस पावन…

Read now
Hinduism

कब आएगा सावन का पहला सोमवार? जानिए 

कब आएगा सावन का पहला सोमवार? जानिए  जब आषाढ़ की बारिशें धरती को भीगाने लगती हैं, जब पेड़ों की हरियाली आंखों को ठंडक देने लगती है, और जब…

Read now