RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

Shardiya Navratri 2020: जानिये कौन हैं मां दुर्गा, कैसे बनी आदिशक्ति मां दुर्गा

Shardiya Navratri 2020: जानिये कौन हैं मां दुर्गा, कैसे बनी आदिशक्ति मां दुर्गा

Shardiya Navratri 2020: जानिये कौन हैं मां दुर्गा, कैसे बनी आदिशक्ति मां दुर्गा
Visual Archive

Shardiya Navratri 2020: जानिये कौन हैं मां दुर्गा, कैसे बनी आदिशक्ति मां दुर्गा

शारदीय नवरात्रि  17 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे हैं । इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी।  चलिए नवरात्रि के आगमन के अवसर पर हम जानते हैं की कौन है मां दुर्गा? इनका नाम दुर्गा कैसे पड़ा।



मां दुर्गा का सृजन

शिवपुराण में बताया गया है कि एकाक्षर ब्रह्म, परम अक्षर ब्रह्म भगवान सदाशिव ने अपने विग्रह यानी शरीर से शक्ति का सृजन किया।
उस भगवान सदाशिव की पराशक्ति को शक्ति अंबिका कहा गया है, जो गुणवती माया, बुद्धि की जननी, विकाररहित तथा प्रधान प्रकृति हैं।
शक्ति अंबिका की आठ भुजाएं हैं, वह अनेक अस्त्रों से युक्त हैं। वह भगवान सदाशिव की पत्नी हैं। सदाशिव उनके बिना अधूरे हैं।

कैसे नाम पड़ा दुर्गा

असुर हिरण्याक्ष के वंश में एक शक्तिशाली दैत्य ने जन्म लिया था, जिसका नाम दुर्गमासुर था। वह बड़ा ही बलशाली था। उसके अत्याचार से सब भयभीत थे। देवता भी डरने लगे थे। एक दिन उसने स्वर्ग पर ही आक्रमण कर दिया। देवताओं के राजा इंद्र समेत सभी देव स्वर्ग छोड़कर भाग गए। उसके समक्ष उनकी शक्तियां किसी काम की न थीं।

यह भी पढ़ें-शारदीय नवरात्रि 2020: जानिए इस नवरात्रि क्या होगा मां दुर्गा का वाहन

देवताओं ने की आदिशक्ति अंबिका की आराधना

स्वर्ग पर अब दुर्गमासुर का अधिकार हो गया था। सभी देवताओं ने अपनी जान बचाने के लिए गुफाओं में शरण ले ली थी। वे दुर्गमासुर को स्वर्ग से कैसे भगाएं और उसे परास्त कैसे किया जाए, यह विकट समस्या थी। तब देवताओं ने आदिशक्ति अंबिका की आराधना करने का निर्णय लिया। सभी देवता मां अंबिका की आराधना करने लगे। उनके तप से प्रसन्न होकर मां अंबिका ने देवताओं को दुर्गमासुर से निर्भय होने का आशीष दिया। इस घटना के बारे में दुर्गमासुर को भी जानकारी हो गई। गुप्तचरों ने बताया कि मां अंबिका ने देवताओं को निर्भय होने का वरदान दिया है।



दुर्गमासुर ने दी मां दुर्गा को  चुनौती

इससे दुर्गमासुर क्रोधित हो गया और अपने बल के अहंकार में चूर होकर आदिशक्ति को चुनौती देने चल पड़ा। वह अपने सभी अस्त्र-शस्त्र और दैत्य सेना के साथ मां अंबिका को युद्ध के लिए ललकारा। तब मां अंबिका प्रकट हुईं, फिर उन्होंने दैत्य सेना को तहस-नहस कर दिया। दुर्गमासुर और मां अंबिका में भीषण युद्ध हुआ। इसके पश्चात मां अंबिका ने दुर्गमासुर का वध कर दिया। दुर्गमासुर के वध के कारण ही आदिशक्ति अंबिका मां दुर्गा के नाम से लोकप्रिय हो गईं। तब से उनका एक नाम देवी दुर्गा भी हो गया।

[video_ads]
[video_ads2]
You can send your stories/happenings here:info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta October 15, 2020 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है?

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है? दक्षिण भारत प्राचीन संस्कृति, विशाल मंदिरों, और अनगिनत आध्यात्मिक परंपराओं की धरती है। यहाँ भक्तिभाव…

Read now
Hinduism

भगवान के कई रूप क्यों होते हैं? 

भगवान के कई रूप क्यों होते हैं?  भारत की धार्मिक परंपराएँ अत्यंत समृद्ध, विविध और रहस्यमय हैं। यहाँ एक ईश्वर को अनेक रूपों में पूजने की अनोखी परंपरा…

Read now
Hinduism

भोलेनाथ को नहीं भाते ये 3 फूल – जानिए क्यों (शास्त्र प्रमाण सहित)

भोलेनाथ को नहीं भाते ये 3 फूल – जानिए क्यों(शास्त्र प्रमाण सहित) सावन मास में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस पावन…

Read now