देश के फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी,अखाड़ा परिषद ने जारी की लिस्ट
नई दिल्ली, 10 सितम्बर; देश में एक के बाद एक बाबाओं को लेकर हो रहे विवादों के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देश के 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है. ये लिस्ट परिषद ने इलाहाबाद में अपनी कार्यकारिणी की बैठक में जारी की है. ये मीटिंग इलाहाबाद में सुबह 11 बजे हुई. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने ऐसे बाबाओं की लिस्ट जारी की, जो धर्म के नाम पर फर्जी तरीके से लोगों को गुमराह कर रहे हैं.
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी से रिलीजन वर्ल्ड ने ख़ास बातचीत की। रिलीजन वर्ल्ड के यह पूछने पर कि अखाड़ा परिषद् द्वारा जारी की गयी इस लिस्ट का आधार क्या है पर नरेन्द्र गिरी ने कहा, ” संत सम्प्रदायों में बंटे हैं जैसे नाथ संप्रदाय, वारकरी संप्रदाय, अघोरी सम्प्रदाय, वैष्णव सम्प्रदाय और भी बहुत। दूसरा यह की संत ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले होते हैं न कि ग्रहस्थ आश्रम का पालन करने वाले. नरेन्द्र गिरी जी आगे कहते हैं कि आज जितने भी फर्जी बाबा है वो किसी न किसी केस में फंसे हुए हैं राम रहीम, आसाराम बापू और रामपाल इसमें प्रमुख है. ऐसे और भी फर्जी बाबा है जिसकी लिस्ट हमने आज जारी की है.”
जब नरेन्द्र जी से यह पूछा गया कि क्या यह लिस्ट जारी करने से आपको लगता है फर्जी बाबाओं में डर पैदा होगा, इस पर उन्होंने कहा, “बिलकुल डर पैदा होगा और आने वाले 3 से 4 साल में भारत फर्जी बाबाओं से मुक्त हो जायेगा.
गौरतलब है कि आसाराम, रामपाल और अभी हाल ही में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सच्चाई सामने आने के बाद एक-एक करके सारे बाबाओं की पोल खुलकर सबके सामने आ रही है. ऐसे ही कुछ बाबाओं की लिस्टे जारी की गई है, जो काफी समय से विवादों में हैं.
ये हैं 14 फर्जी बाबा:

1. आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी,
2. सुखबिंदर कौर उर्फ राधे मां,
3. सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता,
4. गुरमीत राम रहीम सिंह,
5. ओमबाबा उर्फ विवेकानंद झा,
6. निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह,
7. इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी,
8. स्वामी असीमानंद,
9. ओम नमः शिवाय बाबा,
10. नारायण साईं,
11. रामपाल,
12. आचार्य कुशमुनि,
13. बृहस्पति गिरी,
14.मलखान गिरी.
हालाँकि इन 14 बाबाओं की लिस्ट में स्वामी नित्यानंद का नाम न होना थोडा चौंकता है. इस पर जब नरेन्द्र गिरी जी से रिलीजन वर्ल्ड ने बात की तो उन्होंने कहा कि “पहली बात तो यह कि स्वामी नित्यानंद ब्रह्मचारी है और दूसरा उन्हें हाईकोर्ट द्वारा बाइज्ज़त बरी कर दिया गया है तो हमारे पास उन्हें इस लिस्ट में रखने का कोई आधार ही नहीं है.”
इस पर जब उनसे पूछा गया की रामपाल भी कुछ मामलों में बरी हो चुके हैं तो उन्हें किस आधार पर इस लिस्ट में शामिल किया गया है, इस पर नरेन्द्र गिरी ने स्पष्ट करते हुए कहा की रामपाल संत की केटेगरी में ही नहीं आता…इसलिए उन्हें लिस्ट से निकलने का सवाल ही नहीं उठता।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अखाड़ा की बैठक में फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी करने के बाद इसे सरकार को सौंप दिया जाएगा. ऐसा इसलिए होगा ताकि इन बाबाओं के खिलाफ एक्शन लिया जा सके, जो गलत तरीके से आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने ‘संत’ की उपाधि देने के लिए एक प्रक्रिया तय करने का फैसला किया है. जिससे गुरमीत राम रहीम सिंह जैसे लोगों को इसका गलत इस्तेमाल करने से रोका जाए. अब किसी व्यक्ति की पड़ताल करने और उसका आंकलन करने के बाद ही यह उपाधि दी जाएगी.
नरेन्द्र गिरी ने यह भी बताया, “आसाराम के कुछ समर्थक उन्हें पिछले कुछ दिनों से जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं लेकिन हमने समाज को इन फर्जी बाबाओं से मुक्त करने की ठान ली है और इसके लिए हम जान की परवाह भी नहीं करेंगे.”
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि संतों के बीच यह भावना है कि एक या दो धार्मिक नेताओं के गलत कामों की वजह से पूरे समुदाय की छवि को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है.
Video – मीडिया से क्या कहा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी ने….
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