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World Father Day के रूप में मनेगा ब्रह्मा बाबा का 144वां जन्म दिन

World Father Day के रूप में मनेगा ब्रह्मा बाबा का 144वां जन्म दिन

World Father Day के रूप में मनेगा ब्रह्मा बाबा का 144वां जन्म दिन
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World Father Day के रूप में मनेगा ब्रह्मा बाबा का 144वां जन्म दिन

World Father Day के रूप में मनेगा ब्रह्मा बाबा का 144वां जन्म दिन

आबू रोड, 13 दिसम्बर, निसं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माा बाबा का 144वां जन्म दिन World Father Day के रूप में मनाया जायेगा। प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का जन्म 15 दिसम्बर 1876 को हैदराबाद सिंध में हुआ था। इसके लिए संस्था के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन सहित विश्व के 140 देशों में हजारों कार्यक्रम आयोजित कर ‘हम सब एक पिता परमात्मा’ की संतान है का संदेश दिया जायेगा।

इस अवसर पर सभी देश विदेश के सभी सेवा केन्द्रों पर अनेकों कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राजयोग, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यक्रम शामिल होंगे। संस्थान के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में 15 दिसम्बर को प्रात: मौन रैली का आयोजन किया जायेगा। यह रैली डायमंड हॉल से प्रारम्भ होकर गेट नं 6 से होते हुुए तलहटी तिराहे फिर मुखड़ी माता से होते हुए गेट नं 3 से शांतिवन में समाप्त हो जायेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसका शुभारम्भ संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, संस्था के महासचिव बीके निर्वेर, सूचना निदेशक बीके करूणा, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, संस्थान की कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी, बीके भरत समेत वरिष्ठ पदाधिकारी हरी झंडी दिखाकर रैली को रवानगी देंगे। गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान में जुडऩे वाले प्रत्येक भाई को ब्रह्माकुमार तथा बहनों को ब्रह्माकुमारी कहा जाता है।

पूरे विश्व में करीब बीस लाख लोग ब्रह्मा बाबा के पदचिन्हों पर चलकर अपना जीवन श्रेष्ठ बना रहे हैं। ब्रह्मा बाबा ने माताओं बहनों का आगे करते हुए संस्थान का विस्तार किया।

कौन है प्रजापिता ब्रह्मा ?

प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के बचपन का नाम दादा लेखराज था। वे बचपन से ही बहुत धर्म परायण तथा भक्ति भाव में लीन रहते थे। 60 वर्ष की आयु में उनके तन में परमात्मा शिव की प्रवेशता हुई और नयी दुनिया की स्थापना का रहस्य समझाया।

नयी दुनिया की स्थापना अर्थ परमात्मा शिव ने इनका नाम प्रजापिता ब्रह्मा रखा। सन् 1937 में परमपिता परमात्मा ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के द्वारा इस संस्थान की स्थापना की। ब्रह्मा बाबा ने नारी शक्ति के संकल्पों को साकार करते हुए माताओं बहनों के सिर पर ज्ञान का कलश रखा और इस संस्थान का नाम ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पड़ा। आज पूरे विश्व के 140 देशों में आठ हजार सेवाकेन्द्रों का संचालन बहनों और माताओं द्वारा ही होता है।

RW

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By Religion World December 13, 2019 2 min read
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