- हॉलैंड के पीस पैलेस एवं इन्टरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस में जल संरक्षण एवं शान्ति पर भव्य सम्मेलन
- नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत एवं विश्व से पधारे विशेष अतिथियों ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती
- विश्व शान्ति एवं गंगा संरक्षण का लिया संकल्प स्कूल के बच्चोें को ’शोर से शान्ति की ओर’ बढ़ने के लिये प्रेरणा
- नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत श्री वेणू राजमोनी जी कोे महाग्रन्थ ’हिन्दू धर्म विश्वकोश’ की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियाँ भेंट की
- महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस पर हॉलैंड के अनेकों स्कूलों में अंहिसा का संदेश एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जायेगा
- जल समस्या वैश्विक समस्या है, जल संरक्षण वैश्विक संरक्षण है विश्व की संपदा का संरक्षण मिलकर करें – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 14 सितम्बर। हॉलैंड के पीस पैलेस एवं विश्व प्रसिद्ध इन्टरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस में जल संरक्षण एवं शान्ति पर भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत श्री वेणू राजमोनी जी, विश्व स्तर के जल विशेषज्ञ, पर्यावरण विद् एवं विश्व के विभिन्न धर्मों के धर्मगुरूओं ने सहभाग किया। इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने किया।
सम्मेलन का उद्देश्य जल संरक्षण एवं विश्व शान्ति के लिये वैश्विक प्रयास करना, स्कूली बच्चों को शोर से शान्ति की ओर का मार्ग प्रशस्त करना एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये मिलकर ग्लोबल समाधान निकालना। इस सम्मेलन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सचिव तथा नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत श्री वेणू राजमोनी जी, ग्लोबल सेक्यूरिटी इंस्टीट्यूट न्यूयार्क अमेरीका के अध्यक्ष, जोनाथन गेनोफ, एवं विश्व अनेक देशों से पधारे विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू, पर्यावरणविद् एवं जल विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किया।
विश्व प्रसिद्ध इन्टरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस में अपने विचार व्यक्त करते हुये परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विश्व के अनेक देशों से आये महानुभावों का जल की बढ़ती समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुये कहा कि ’जल समस्या वैश्विक समस्या है, जल संरक्षण वैश्विक संरक्षण है अतः विश्व की प्रमुख संपदा जल के संरक्षण के लिये हमें मिलकर प्रयास करना होगा। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि संत, सरकार और संस्थायें मिलकर नदियों के लिये कार्य करें तो विलक्षण परिणाम प्राप्त होंगे। इन सभी कार्यो के लिये ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलांयस और गंगा एक्शन परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
स्वामी जी ने चर्चा करते हुय कहा कि ’समय आ गया है कि अब जल के साथ, पर्यावरण; प्रकृति एवं धरती के साथ भी न्याय करें। हम मानव अधिकारों की बात करते है मुझे लगता है अब हमें प्रकृति, पर्यावरण, नदियों एवं पृथ्वी के अधिकारों के लिये भी चिंतन करें क्योंकि पर्यावरण बचेगा तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो आने वाली पीढ़ीयां बचेगी अब हमें इस ओर ध्यान देना नितांत आवश्यक है।

सम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने ’पीस प्लेज’ अर्थात ’शान्ति संकल्प’ स्कूली छात्रों को शोर से शान्ति की ओर अग्रसर करने के लिये किया गया। भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने इस सम्मेलन के लिये अपना शुभकामना संदेश भेजा। प्रधानमंत्री जी ने प्रभावकारी संदेश दिया जिसे वहां सुनाया गया इसे सुनकर सभी उपस्थित अतिथि अत्यंत प्रभावित हुये। नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत श्री वेणू राजमोनी जी ने बताया कि हॉलैंड के स्कूलों में 2 अक्टूबर को महात्मा गंाधी जी की जंयती पर गांधी जी के अंहिसा के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया जायेगा और स्वंय भी अंहिसा के मार्ग को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेंगेे।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी ने नीदरलैण्ड में भारत के राजदूत और भारत के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सचिव श्री वेणू राजमोनी जी को महाग्रन्थ ’हिन्दू धर्म विश्वकोश’ की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियाँ भेंट की। श्री वेणू राजमोनी जी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य एवं अद्भुत संयोग भी है कि इस महग्रन्थ की प्रथम प्रति महामहिम राष्ट्रपति जी को भेंट की जा रही थी तब भी मैं राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम में उपस्थित था। उन्होने कहा कि इस महाग्रन्थ की प्रति दूतावास के पुस्तकालय में रखी जायेगी जिससे यहां आने वाले ज्ञानार्जन कर सकेंगे। श्री वेणू राजमोनी जी ने पूज्य स्वामी जी एवं साध्वी जी को दूतावास में विशेष भोज के लिये आमंत्रित किया। उन्होने विश्व में भारत की भूमिका पर भी चर्चा की एवं अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिये विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। पूज्य स्वामी ने ’जय गंगे’ अंकित शाल भेंट कर उनका अभिनन्दन किया एवं अन्य सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। इस सम्मेलन में विश्व स्तर पर शान्ति स्थापना के लिये भारत की विशेष भूमिका पर चर्चा हुई। हॉलैंड की सरकार में पूर्व मंत्री एवं अनेक पदों को सुशोभित कर चुके सूफी डॉ करीम बक्स जी को भी सम्मानित किया।
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