RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

दिल्ली की रामलीला की पुरातन परंपरा को इस साल फिर से जीवंत करने की तैयारी शुरु

दिल्ली की रामलीला की पुरातन परंपरा को इस साल फिर से जीवंत करने की तैयारी शुरु

दिल्ली की रामलीला की पुरातन परंपरा को इस साल फिर से जीवंत करने की तैयारी शुरु
Visual Archive

दिल्ली की रामलीला की पुरातन परंपरा को इस साल फिर से जीवंत करने की तैयारी शुरु

दिल्ली की रामलीला पूरी दुनिया में मशहूर है। एक पुरातन परंपरा के तौर पर इसे सालाना भगवान राम के कौशल आगमन के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। इंद्रप्रस्थ में हर साल जीवंत होती है राम की लीला। शहर के हर कोने में राम के मंच सज जाते हैं, लाखों लोग अपनी आस्था और मनोरंजन के लिए इन रामलीलाओं में जी भर के हिस्सा लेते हैं। मेले लगते हैं, दुकानें सजती हैं, और देश के स्वभाव को लाखों लोग जीने के लिए इन आयोजनों का हिस्सा बनते हैं।

दिल्ली में रामलीला की तैयारी कई महीने पहले से ही होने लगती है। दशहरा इस बार 30 सितंबर को है और उससे पहले के दिनों में हर दिन रामायण के एक-एक खंड को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

दिल्ली के पीतमपुरा में सालों से रामलीला का भव्य आयोजन किया जाता है। उत्तरपूर्व दिल्ली में बसे पीतमपुरा मे इस बार 27 अगस्त 2017 को सुबह दस बजे इस बार की होने वाली रामलीला के लिए भूमिपूजन और साथ ही साथ लोगों के लिए साउंड एंड लाइट शो का खास आयोजन किया गया है। नेताजी सुभाष पैलेस पीतमपुरा में आर्यन हेरिटिज फ़ाउंडेशन द्वारा संपूर्ण रामायण में सुंदर कांड की चौपाइयों को धवनि एवं प्रकाश के माध्यम से दिखाया जाएगा।

देखिए कैसे जीवंत हुई रामलीला – 

भूमि पूजन के कार्यक्रम को सभी धर्मों में बंधुता का संदेश देने वाले जैन संत आचार्य लोकेश मुनिजी के पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। साथ ही केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली में बीजेपी विधायक विजेन्द्र गुप्ता को भी मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World August 21, 2017 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Christianity

दीपावली, हनुक्का और क्रिसमस — क्या सबका संदेश एक ही है?

दीपावली, हनुक्का और क्रिसमस — क्या सबका संदेश एक ही है? मानव सभ्यता के इतिहास में “प्रकाश” हमेशा से ज्ञान, सत्य और ईश्वर का प्रतीक रहा है। अंधकार…

Read now
Hinduism

धनतेरस से दीवाली तक: खुशियों और समृद्धि का पर्व 

धनतेरस से दीवाली तक: खुशियों और समृद्धि का पर्व  भारत त्योहारों की भूमि है, और उन सभी में दीवाली सबसे चमकदार और हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला पर्व…

Read now
Hinduism

क्या दीपावली पर उल्लू या चूहा शुभ माना जाता है?

क्या दीपावली पर उल्लू या चूहा शुभ माना जाता है? दीपावली, भारत का प्रमुख और अत्यंत शुभ त्योहार, घर में लक्ष्मी-गणेश की स्थापना और पूजन के लिए प्रसिद्ध…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *