हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला : सामाजिक विकास में संलग्न संस्थाओं की झांकी
समाज में धर्म की कया भूमिका हो, इसे समझने के लिए धर्मों के माध्यम से होने वाले सभी सामाजिक कार्यों को समझना होगा। भारत की विशालता के दर्शन उसकी परंपराओं और विश्वास भरी मान्यताओं में होता है। ये सभी कहीं न कहीं धर्म से जुडी है। हिंदू धर्म की मूल भावना जगत कल्याण और मानवीय सेवा की रही है। वसुधैव कुटुंबकम और नर सेवा ही नारायण सेवा की भावना सदैव इसे उदात्त बनाती आई है। ऐसे में एक ऐसे मेले की कल्पना करिए जहां, शोर-शराबा, झूले और खिलौने न होकर समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की झांकी सजी हो। आरएसएस की सोच और समान विचारधारा वाली कई संस्थाओं के आगे आने से एक ऐसी पहल हमारे समाज में जारी है, जो हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेलों के नाम से सालों से कई शहरों में लग चुकी है। हमारे सहयोगी देवेन्द्र शर्मा ने इन मेलों के जरिए होने वाले विकास को समझा और उसे पेश किया है।

मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में मस्त युवा पीढ़ी को मां–पिता की चरण वंदना करने देखना बेहद सुखद अनुभूति है। हजारों की संख्या में युवक–युवतियों को अपने माता–पिता के चरण धोकर वंदना करते देखना भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अमिट छाप है।
हिंदू स्प्रिच्युल सर्विस फाउंडेशन की ओर देश भर में चल रहे हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेलों में इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं।
इन आयोजनों के जरिए सभी समुदायों के लोगों को शामिल कर समाज में भारतीय मूल्यों एवं परंपराओं की जड़ों को सींचा जा रहा है।
इन आयोजनों के जरिए समाज को धर्म और अध्यात्म का महत्व बताते हुए एकजुट होकर विकास की राह पर आगे बढ़ने की सीख दी जा रही है।
इन आध्यात्मिक मेलों में पेड़ पौधों के पूजन जैसे कार्यक्रम आयोजित कर प्रकृति के संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।उद्देश्य यही है कि समाज पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझे और आने वाली पीढ़ियों को भविष्य बेहतर हो।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेलों में गौ पूजन, गंगा पूजन, तुलसी पूजन और कन्या पूजन जैसे आयोजन भी किए जा रहे हैं। पुरातन भारतीय पंरपराओं और संस्कारों से नई पीढ़ी को जोड़ने का अतुल्यनीय कार्य किया जा रहा है। सामाजिक समरसता के लिए यज्ञ पूजन किए जा रहे हैं तो सामाजिक कार्यों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
इन मेलों में एक साथ हजारों लोग एक साथ वंदे मातरम् गाकर और हजारों बालक एक साथ वैदिक मंत्र जाप कर और हजारों छात्र–छात्राएं शास्त्रीय गायन कर रिकॉर्ड बना रहे हैं।
इन आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। लोग खासकर युवा पीढ़ी भारतीय संस्कारों का महत्व समझ रही है और एक सकारात्मक माहौल बन रहा है। इन मेलों में युवा आध्यात्मिक ज्ञान और मूल्यों की गहराइयों में उतर रहे हैं और जमकर सेल्फी लेते नजर आते हैं।
देशभर में इस तरह आयोजन किए जा रहे हैं। हाल ही अहमदाबाद में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन किया गया है। अगले वर्ष अमेरिका में भी इस तरह के आयोजन की योजना है।
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सहयोग से हिंदू स्प्रिच्युल एंड सर्विस फाउंडेशन की स्थापना की गई थी जिसके तहत ये आध्यात्मिक मेले आयोजित किए जा रहे हैं।

हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित हिंदु स्पिरिचुअल मेले का भव्य दृश्य
Editorial Review Note
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