पुरी, 7 जून; इस बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा बिना श्रद्धालुओं के ही निकलना लगभग तय है। मंदिर समिति ने तय किया है कि रथयात्रा में सीमित संख्या में पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे।
जो पुजारी और पुलिसकर्मी रथयात्रा में शामिल होंगे उन्हें कोरोना टेस्ट के बाद लगभग 10 से 12 दिन होम क्वारंटाइन रहना होगा। पुरी में बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए रास्ते बंद किए जाएंगे और धारा 144 लगाई जाएगी।
23 जून को रथयात्रा निकलेगी और गुंडिचा मंदिर जाएगी। 7 दिन भगवान यहीं रहेंगे। गुंडिचा मंदिर में भी सारी परंपराएं बिना भीड़ के ही निभाई जाएंगी। यहां भी 7 से 9 दिन तक धारा 144 लगी रहेगी।
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जल्दी ही यात्रा में शामिल होने वाले पुलिसकर्मियों और पुजारियों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। फिर सभी को होम क्वारंटाइन किया जाएगा। बाहरी जिलों से भी लोगों के आने पर रोक रहेगी।
रथयात्रा से जुड़ी सारी परंपराएं मंदिर के भीतर ही की जाएंगी। गुंडिचा मंदिर पहुंचने के बाद भी मंदिर में प्रवेश पर रोक रहेगी। वहां दर्शन की अनुमति नहीं होगी। और इसके बाद बहुदा यात्रा यानी भगवान की वापसी भी ऐसी ही रहेगी।
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