परमार्थ निकेतन गंगा तट पर मनोहर पर्रिकर को अर्पित की गई भावभीनी श्रद्धाजंलि
- पर्रिकर जी की आत्मा की शान्ति हेतु किया विशेष हवन
- स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने परमार्थ निकेतन प्रांगण में श्री मनोहर पर्रिकर जी की याद में रोपित किया रूद्राक्ष का पौधा
- भारतीय राजनीति की धुरी थे श्री मनोहर पर्रीकर जी – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 18 मार्च। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने गोवा के मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रीकर जी को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की तथा उनकी स्मृति में परमार्थ प्रांगण में रूद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सादगीपूर्ण जीवनशौली, सरल व्यवहार और उत्कृष्ट व्यक्तित्व के धनी श्री पर्रीकर जी का इस तरह चले जाना राजनीति जगत के लिये अक्षुण क्षति है। वे भारतीय राजनीति की धुरी थे उन्होने उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के राज्यों के संगम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। साथ ही उन्होने दयानन्द सामाजिक सुरक्षा योजना, साइबरएज योजना, सी एम रोजगार योजना जैसी अनेक समाज सुधार योजनायें शुरू कर वे सीधे समाज से जुड़े रहे। आई आई टी मुम्बई से स्नातक श्री पर्रीकर जी अत्यंत विनम्र स्वभाव के थे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को गोवा में लाने का श्रेय उन्हीे को जाता है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि श्री मनोहर पर्रीकर जी के पंचतत्व मंे विलीन होने का समाचार सुनकर मन अत्यंत द्रवित हो उठा। भारत की राजनीति में उनका योगदान अविस्मरणीय है। चार बार गोवा के मुख्यमंत्री पद पर बने रहना उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। स्वामी जी महाराज ने कहा कि ईश्वर श्री पर्रीकर जी की आत्मा को शान्ति प्रदान करे। उनके परिवार के सदस्यों को इस दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।


स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने माँ गंगा के तट पर मौन रखकर श्री पर्रीकर जी को श्रद्धाजंलि अर्पित की तथा आज की गंगा आरती उन्हेे समर्पित की।
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