स्व शान्ति के साथ सार्वभौमिक शान्ति की आवश्यकता– डॉ भगवती सरस्वती
ऋषिकेश,18 सितम्बर; डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष, परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव, परमार्थ निकेतन की साध्वी डॉ भगवती सरस्वती जी ने स्पेन की राजधानी मैड्रिड में अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति सम्मेलन, ‘पीस विद् नो बॉर्डर्स सम्मेलन’ में सहभाग कर उद्बोधन दिया।
तीन दिवसीय ’पीस विद् नो बॉर्डर्स सम्मेलन’ में विश्व के विभिन्न धर्मो और समुदायों के लीडर्स ने मिलकर वैश्विक स्तर पर शान्ति की स्थापना के सम्बंध में उच्च स्तरीय चर्चायें की। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने मैड्रिड, स्पेन में दुनिया भर के 300 से अधिक संगठनों, विभिन्न संस्कृतियों को मानने वाले और नागरिक संगठनों के लीडर्स की उपस्थिति में भारत की ओर से हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व किया।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने ’पीस विद् नो बॉर्डर्स सम्मेलन’ में वैश्विक स्तर पर शान्ति की स्थापना, पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जल संरक्षण आदि विषय पर अपने विचार व्यक्त किये साथ ही उन्होने विश्व शान्ति हेतु प्रार्थना की।
सेंट एगिडियो कैथोलिक समुदाय द्वारा प्रतिवर्ष धर्म और समुदायों के मध्य संवाद स्थापित करने हेतु वार्षिक सभाओं का आयोजन किया जाता है। इस संगठन द्वारा वार्षिक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन वर्ष 1986 से किया जा रहा है।
सेट एगिडियो कैथोलिक समुदाय लगभग 50,000 सदस्यों का एक कैथोलिक संघ है और इसकी स्थापना 1968 में हुई थी जो कि सामाजिक सेवाओं के लिये समर्पित है। वर्तमान समय में इस संगठन का नेटवर्क दुनिया भर के 73 देशों में है। यह मुख्य रूप से गरीबों, असहाय, पीड़ितों की देखभाल के साथ वैश्विक स्तर पर शान्ति की स्थापना के लिये कार्य करता है।

पीस विद् नो बॉर्डर्स सम्मेलन’ को सम्बोधित करते हुये साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि दुनिया के लोगों को वर्तमान समय में धर्म से अधिक मौलिक जरूरतों की आवश्यकता है। आज के समय में वैश्विक स्तर पर जल, वायु और प्रकृति में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होने कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं; भगवान से जुड़ते हैं तो हमें शान्ति प्राप्त होती है, उस शान्ति को अपने तक ही सीमित न रखें बल्कि उसे अपने कार्यो के माध्यम से दुसरों तक पहुंचायें ताकि दुसरे लोगों को भी शान्ति प्राप्त हो सके। हमारा उद्देश्य ’’प्रार्थना इन एक्शन’’ होना चाहिये।
साध्वी भगवती सरस्वती ने ’पारिस्थितिकी और सामान्य नियति’ (इकोलॉजी एंड कामन डेस्टिनी) सत्र को सम्बोधित करते हुये कहा कि हम सभी वैश्विक स्तर पर चर्चा कर रहे है कि जल कम हो रहा है; पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और चारों ओर प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है, वास्तव में इस पर चर्चा होनी चाहिये परन्तु हमें यह भी चिंतन करना होगा कि यह क्यों हो रहा है, इसमें मेरी क्या भूमिका है? हमें अपने भोजन, जीवन जीने के तरीके और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना होगा। सर्वप्रथम हमंे शाकाहारी बनाना होगा और वह इसलिये नहीं कि हमारा धर्म कहता है कि शाकाहारी बनों बल्कि इसलिये कि यह मानव का अधिकार है। उन्होने कहा कि आज दुनिया में भुखमरी की समस्या बढ़ रही है, अगर लोग शाकाहार अपनाते हैं तो इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। साध्वी जी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति रही है। आज भी अगर हम एक होकर और जुड़कर कार्य करे तो सारी वैश्विक स्तर की समस्याओं का समाधान कर सकते है। उन्होने कहा कि वर्तमान समय मंे स्व शान्ति के साथ सार्वभौमिक शान्ति की आवश्यकता है।
इस पैनल में जेफरी डेविड सैक्स, अमेरिकी अर्थशास्त्री, अकादमिक, सार्वजनिक नीति विश्लेषक और कोलंबिया विश्वविद्यालय में द अर्थ इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक हैं, विशेष रूप से उपस्थित थे।

’पीस विद् नो बॉर्डर्स सम्मेलन’ में परमार्थ निकेतन से साध्वी भगवती सरस्वती ने पैनल को सम्बोधित किया इस मौके पर सेंट एगिडियो समुदाय के टीस्कार एस्पिगेयर, कार्डिनल कार्लोस ओसोरो सिएरा, मैड्रिड के आर्क बिशप, एंड्रिया रिकार्डि, संत एगिडियो समुदाय के संस्थापक, फिलिपो ग्रांडी, संयुक्त राष्ट्र महासंघ में शरणार्थी विभाग के लिये उच्चायुक्त, जेफरी डेविड सैक्स, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष सलाहकार, फाॅस्टिन आर्कवेज़़ तौडेरा, मध्य अफ्रीकी गणराज्य के राष्ट्रपति, इज़रायल मीर लाउ, टेल अवीव के प्रमुख रब्बी, इलारियन, माॅस्को पैटिआर्कट के मेट्रोपाॅलिटन बिशप, मोहम्मद अल महरासवी, अल-अजहर विश्वविद्यालय मिस्र के चांसलर जीन पियरे डेलविले, बेल्जियम के कैथोलिक बिशप मुहम्मद अब्दुल खबीर आजाद, लाहौर मस्जिद पाकिस्तान के ग्रैंड इमाम, अविराम जिमेसर मिशपेटी एरेत्ज इंस्टीट्यूट, इज़राइल के अध्यक्ष, तेजकरण जैन, जैन धर्म भारत, जैक्स मौराड, सीरियाई कैथोलिक भिक्षु गेरहार्ड उलरिच बिशप, लूथरन वल्र्ड फेडरेशन, जर्मनी, एरी फोल्गर, वियना के प्रमुख रब्बी, आॅस्ट्रिया एंब्रोगियो स्प्रीफिको, कैथोलिक बिशप, इटली, टेरेसा रिबेरा, परिस्थितिक संक्रमण मंत्री, स्पेन, सैय्यद अबोल्हसन नवाब, धर्म विश्वविद्यालय, ईरान के राष्ट्रपति, हेनरिक बेडफोर्ड-स्ट्राहम बिशप, जर्मनी में इंजील चर्च की परिषद की अध्यक्ष कार्डिनल पीटर कोदोव अप्पिया तुर्कसन, द इंटीग्रिटी ऑफ़ प्रमोशन फॉर इंटीग्रल हयूमन डेवलपमेंट, होली सी रोमन इटली आदि अन्य संगठनों ने सहभाग किया।
Editorial Review Note
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