RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग किया

उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग किया

उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग किया
Visual Archive

उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग किया

उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग किया

  • लगभग 500 वर्षो की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में आज श्री राम जी के दिव्य मंदिर का सपना साकार होने जा रहा
  • श्री राम मन्दिर शिलान्यास एक सिग्नेचर इवेंट – पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज

5 अगस्त, ऋषिकेश। उत्तराखंड की दिव्य धरती से पूज्य संतों ने श्री राम मन्दिर शिलान्यास में सहभाग कर पूरे विश्व को रामराज्य की स्थापना का संदेश दिया। आज के इस पावन अवसर पर योग गुरू पूज्य  रामदेव जी महाराज, आध्यात्मिक गुरू पूज्य अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और अन्य पूज्य संतों ने आज श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में आयोजित श्री राम मन्दिर शिलाविन्यास में सहभाग कर पूजन वंदन किया।

ram mandir shilanyas

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि लगभग 500 वर्षो की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में आज श्री राम जी के दिव्य मंदिर का सपना साकार होने जा रहा है। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस दिव्य कार्यक्रम का सहभागी हूँ। स्वामी जी ने कहा कि मैंने आज अपने प्रदेश उत्तराखंड, पूरे भारत और सम्पूर्ण विश्व की ओर से सबकी आस्था के पुष्प इस दिव्य स्थल पर समर्पित किये।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मुझे लगता है यह सिग्नेचर इवेंट है और यह सिग्नेचर इवेंट इसलिए है कि पूरे विश्व के  लिये आज  का यह पल एक ऐतिहासिक पल है और यही अपना कल हैं यह भारतीय संस्कृति  का पल है। भारतीय संस्कृति सबको मिलाती हैं सबको  जोड़ती है, मानव मानव एक समान, सबके भीतर है भगवान जो सबको साथ लेकर चलेगी, आज वह धारा केवल राम मंदिर की धारा नहीं बल्कि यहां से राष्ट्र मंदिर की धारा प्रवाहित होगी,  जिसमें भारत एक है,  विविधता में एकता भारत की विशेषता और उसी का दर्शन आज का यह भव्य उत्सव करायेगा। यह भूगोल को बदलेगा,  लोगों के दिमागों  को बदलेगा। लोगों के दिलों को बदलेगा। दिलों को जोड़ेगा, दीवारों को तोड़ेगा और दरारों को भर देगा और सब को एक कर देगा। भगवान राम ने सेतु बनाए हैं, सब को जोड़ने के चाहे शबरी हो या केवट आज समय आया है हम सब एक हैं,  एक परिवार है, वसुधैव कुटुंबकम है और उसका आगाज भारत के यशस्वी ऊर्जावान प्रधानमंत्री कर रहे हैं।

narendra modi ram mandirnarendra modi ram mandirnarendra modi ram mandirnarendra modi ram mandir

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मुझे तो लगता है कि श्री राम मन्दिर के साथ-साथ आज राष्ट्र मन्दिर का भी शिलाविन्यास को रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे देश की माटी तुझको सौ-सौ बार प्रणाम। बात जब माटी की हैं तो बात गौरव की है बात पूरे भारत की हैैैै और इसलिये जब भगवान श्री राम जी जो हमारे आराध्य है आज उनके जन्म स्थान पर भारत के यशस्वी, तपस्वी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने हाथों से कई पूज्य संतों और समाज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिलाविन्यास किया। इस दिव्य पूजन में पूरे देश के पवित्र स्थलों की माटी और पवित्र नदियों का जल वहां पर लाया गया और उससे पूजन किया, वास्तव में बड़ी दिव्य संस्कृति है हमारी।

भगवान श्री राम ने वीरता और शौर्य के साथ बदलाव की संस्कृति को जन्म दिया है। स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य के अन्दर की अच्छाई जब बाहर आती है तो रामराज्य की स्थापना होती है; समाज का उत्थान होता है और जब बुराई बाहर आती है तो रावण की तरह पतन होता है। लगभग 500 वर्षो की कड़ी तपस्या के पश्चात आज भगवान श्री राम मन्दिर के शिलाविन्यास के साथ हमारे समाज में श्री राम के आदर्शो को स्थापित करना भी जरूरी है और भगवान श्री राम ने मर्यादित जीवन जीकर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है जो हर युग के लिये प्रासंगिक है।

श्रीराम मन्दिर के शिलान्यास के साथ जीवन मन्दिर की भी स्थापना करने की जरूरत है। एक ऐसा जीवन जिसमें द्वेष और दूर्गुण न हो। दूर्गुण एवं अशुद्धि चाहे बाहर की हो या आंतरिक  उसका शुद्धिकरण करना अवश्यक है।

भगवान श्री राम हमेशा अपनी जड़ों से और मूल्यों से जुड़ें रहे। उन्होंने आदर्शो पर चलते हुये अनेकों के जीवन को उत्सव बना दिया। उन्हें जीवन की मोड़ पर जो भी मिला उसके जीवन का उद्धार कर दिया। स्वयं कष्टों को सहते हुये दूसरों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया। आईयें ऐसे आदर्शो को अपने जीवन में स्थापित करने का प्रयास करें।

@religionworldin

[video_ads]

[video_ads2]

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World August 5, 2020 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

वैष्णव परंपरा, राष्ट्र और समाज को जोड़ने वाला आचार्य नेतृत्व: श्री पुंडरीक गोस्वामी महाराज

वैष्णव परंपरा, राष्ट्र और समाज को जोड़ने वाला आचार्य नेतृत्व: श्री पुंडरीक गोस्वामी महाराज वृंदावन की पावन भूमि से निकले, राधा-कृष्ण भक्ति परंपरा के प्रख्यात स्तंभ श्री पुंडरीक…

Read now
Hinduism

ऋषि पंचमी 2025 कब है? व्रत कथा और पूजा का महत्व जानें

ऋषि पंचमी 2025 कब है? व्रत कथा और पूजा का महत्व जानें भारतीय सनातन संस्कृति में ऋषि पंचमी का विशेष महत्व है। यह व्रत हर वर्ष भाद्रपद मास…

Read now
Hinduism

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने किया श्रीचंद भगवान की भव्य मूर्ति का अनावरण

हरिद्वार, 26 फरवरी: धर्मनगरी हरिद्वार के मुख्य चौराहे द्वारा श्रीचंद्राचार्य चौक का एचआरडीए द्वारा जीर्णोद्धार कराया गया है. श्रीचंद भगवान की भव्य मूर्ति को श्रीचंद्राचार्य चौक पर स्थापित…

Read now