परमार्थ निकेतन में साधना शिविर का शुभारम्भ
- पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य सुधांशु जी महाराज को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर किया साधना शिविर का उद्घाटन
- उषाकाल से ही योग, प्राणायाम, ध्यान एवं सत्संग साधनायें हुई आरम्भ
- भारत के विभिन्न प्रांतों से आयेे सैकड़ों साधकों ने लिया साधना शिविर में भाग
- पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कराया संकल्प ’स्वच्छता से साधना’ की ओर
- ’इनर सेल्फ’ की रिक्तता को भरने के लिये साधना है नितांत आवश्यक – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
- साधना की सार्थकता के लिये श्रेष्ठ वातावरण है जरूरी-सुधांशु जी महाराज


आज उषाकाल से ही साधक परमार्थ गंगा तट पर स्नान के पश्चात पूज्य सुधांशु जी महाराज एवं दीदी अर्चिका के सानिध्य में साधना के विविध आयामों से रूबरू हुये तत्पश्चात पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य सुधांशु जी महाराज के सत्संग एवं दर्शन से लाभान्वित हुये।

पूज्य सुधांशु जी महाराज ने कहा कि ’साधना की सार्थकता के लिये श्रेष्ठ वातावरण की जरूरत होती है, परमार्थ का गंगा तट वह श्रेष्ठ एवं दिव्य स्थान है जहां पर दिव्यता के साथ पवित्रता भी कण-कण में व्याप्त है। इस दिव्य धाम में पांच दिवसीय साधना से जीवन को दिव्य बनाया जा सकता है।’ अर्चिका जी ने साधकों को आहार, विहार एवं योग के विषय में जानकारी दी। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य सुधांशु जी महाराज को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया और आहृवान किया कि साधना शिविर के पश्चात सभी साधक अपने-अपने गंतव्य पर पंहुचकर एक-एक पौधे का रोपण अवश्य करे ताकि साधना से आन्तरिक शुद्धता एवं पौधा रोपण से बाह्य वातावरण की शुद्धता हो सकें।Editorial Review Note
Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply