स्वर्णिम भारत के निर्माण के लिए पवितत्रता महत्वपूर्ण है: बीके शिवानी
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में रविवार को ब्रह्मा कुमारी संस्था ने प्राचीन राजयोग द्वारा स्वस्थ व सुखी भारत पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया. इस मौके पर भक्ति संगीत नृत्य कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ. ब्रह्मा कुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी ने प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, अतीत की बातें, व्यर्थ चिंतन ही हमारी मानसिक शांति और आंतरिक शक्तियों को नष्ट करता है. ईश्वरीय ज्ञान एवं योग के आधार से जीवन में सुख, शांति, स्वस्थ्य व समृद्ध जीवन प्राप्त किया जा सकता है. कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दादी जानकी के अनुयायी पहुंचे थे.

इस दौरान बीके शिवानी ने कहा कि स्वर्णिम भारत के निर्माण के लिए पवितत्रता महत्वपूर्ण है जो सुख और शांति की जननी है. यदि हर व्यक्ति प्रण करें कि वो सतयुग लाएगा, तो परमात्मा की शक्ति हरपल उसके साथ होती है. हम सबके के अंदर इतनी क्षमता है कि हम अपनी और दूसरों की बुराइयों को भी खत्म कर सकते है.

विवेकानंद योग संस्थान के अध्यक्ष योगगुरू डॉ एचआर नागेंद्र के मुताबिक स्वास्थ्य का मतलब केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं बल्कि मानसिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य है. भौतिकता के ज्ञान भंडार से आगे जाकर प्राण, मन, बुद्धि, संस्कार, चेतना और भगवान को वास्तविक रूप में जानकर मन पर नियंत्रण करने का नाम ही राजयोग है.

वहीं परमार्थ निकेतन आश्रम, हरिद्वार के संस्थापक व आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि यह सभा भारत निर्माण के लिए आयोजित है और यह कार्य 80 वर्ष पूर्व ब्रह्माकुमारी संस्था के स्थापना के साथ शुरू हुआ. राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान से सबके जीवन में शांति,सद्भाव और भाईचारा आता है.

उधर, इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने माउंट आबू से कार्यक्रम में आई मुख्य दादियों का सम्मान भी किया.
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