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भारत की देसी गाय : “साहिवाल गाय”

भारत की देसी गाय : “साहिवाल गाय”

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भारत की देसी गाय : “साहिवाल गाय”

भारत की देसी गाय : “साहिवाल गाय”

रिलीजन वर्ल्ड ने आपको भारत की देसी गायों के बारे में पहले ही बताया था। हमनें देश के सभी राज्यों और कोनों में पलने वाली गायों की जानकारी इक्ट्ठा करके आपको सूचित किया। अब इसी क्रम में आपको देश की हर देसी गाय ( साहिवाल गाय ) के बारे में एक-एक करके पूरी जानकारी देंगे।

भारत की देसी गाय

पढ़िए – भारत की देसी गायें : पूरे देश की देसी गायों की जानकारी 

सहिवाल गायों में अफगानिस्तानी तथा गीर जाति का रक्त पाया जाता है। इन गायों का सिर चौड़ा, सींग छोटी और मोटी, तथा माथा मझोला होता है। ये स्वंत्रता पूर्व के संयुक्त पंजाब के  मांटगुमरी जिले और रावी नदी के आसपास लायलपुर, लोधरान, गंजीवार आदि स्थानों में पाई जाती थी। साहिवाल गाय अधिकतर उत्तरी भारत में पाई जाती हैं। एक बार ब्याने पर ये 10 महीने तक दूध देती है। यह 10 से 16 लीटर तक  दूध देने की क्षमता रखती है।  इनके दूध में  पर्याप्त वैसा होता है।

  • मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार व मध्य प्रदेश में पाया जाता है।
  • दुग्ध उत्पादन- ग्रामीण स्थितियों में 1350 किलोग्राम
  • व्यावसायिक फार्म की स्थिति में- 2100 किलो ग्राम
  • प्रथम प्रजनन की उम्र – 32-36 महीने
  • प्रजनन की अवधि में अंतराल – 15 महीने
  • गहरा शरीर , ढीली चमड़ी, छोटा सिर व छोटे सींग इस गाय की प्रमुख विशेषताएँ हैं |
  • साहिवाल गाय का शरीर लंबा और मांसल होता है तथा इनकी टाँगे छोटी होती है ।
  • इनका स्वभाव कुछ आलसी होता है तथा इसकी खाल चिकनी होती है ।
  • इनकी पुंछ पतली और छोटी होती है।
  • ढीली चमड़ी होने के कारण इसे लोग लोला भी कहते हैं |
  • नर गाय का वजन 450 से 500 किलो और मादा गाय का वजन 300-400 किलो तक हो सकता है |
  • नर साहिवाल के पीठ पर बड़ा कूबड़ होता है व इसकी ऊंचाई 136 सेमी तक हो सकती है
  • मादा कि ऊंचाई 120 सेमी के आसपास होती है ।
  • ये लाल और गहरे भूरे रंग की होती है |
  • कभी-कभी इनके शरीर पर सफेद चमकदार धब्बे भी होते हैं ।
  • यह गाय एक दिन में 10 से 16 लीटर तक दूध देती है |
  • अपने एक दूग्ध्काल के दौरान ये गायें औसतन 2270  लीटर दूध देती हैं |
  • इनके दूध में पर्याप्त वसा होता है तथा यह विदेशी गायों की तुलना में दूध कम देती हैं |
  • इनके रखरखाव  पर खर्च भी काफी कम होता है।
  • इसकी खूबियों और दूध की गुणवत्ता के चलते वैज्ञानिक इसे सबसे अच्छी देसी दुग्ध उत्पादक गाय मानते हैं।

इनकी कम होती संख्या से चिंतित वैज्ञानिक ब्रीडिंग के ज़रिए देसी गायों की नस्ल सुधार कर उन्हें साहीवाल में बदलने पर ज़ोर दे रहे हैं | जिसके तहत देसी गाय की पाँचवीं पीढ़ी पूर्णतः साहीवाल में बदलने में कामयाबी हासिल हुई है।

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Which Climate Suits Sahiwal Cow (कौन से वातावरण में साहिवाल गाय रह सकती है)

यह गाय ज्यादा गर्म इलाकों में भी रह सकती हैं | इनका शरीर गर्मी, परजीवी और किलनी प्रतिरोधी होता है जिससे इसे पालने में अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ती है और डेरी किसानों को इसे पालने में बहुत फायदा होता है ।

Cost of Sahiwal Cow in India (भारत में गाय की कीमत)

  • भारत मे साहिवाल गाय अमूमन Rs.40,000 से Rs.60,000 के बीच मिल जाती है |
  • इसकी कीमत और भी कई बातों पर निर्भर करती है जैसे की दूध उत्पादन की क्षमता, उम्र, स्वास्थ्य आदि |
  • इन्ही बातों को ध्यान में रखकर ही कोई ख़रीदार इनकी सही कीमत का अनुमान लगा लेता है |

Sahiwal Cow Maintenance (गाय का रखरखाव)

  • इनके रखरखाव में और देसी गायों की तुलना में कम खर्चा होता है |
  • यह अन्य गायों की तुलना मे ज़्यादा दूध का उत्पादन करती है |
  • इनके दूध में अन्य गायों के मुकाबले ज़्यादा प्रोटीन और वसा पाया जाता है |

Sahiwal Cow Cross Breed in India

भारत मे जो साहिवाल गाय पाई जाती हैं वो Pure Breed मे नहीं पाई जाती है | यहाँ जो मिलती हैं वो Mixed Breed की होती है जिसकी वजह से यह भारत के वातावरण में बड़ी ही आसानी से Survive कर पाती हैं |

Other Benefits of Sahiwal Cow in Dairy Farm (Dairy Farming में साहिवाल गाय के फायदे)

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1. उच्च दूध की पैदावार – साहिवाल गाय और देसी गायों के मुकाबले ज़्यादा दूध देती है |
2. प्रजनन की आसानी –साहिवाल गाय गर्म वातावरण में भी अच्छे से रह सकती हैं |
3. सूखा प्रतिरोधी
4. अच्छा स्वभाव अच्छी देखभाल करने पर ये कहीं भी रह सकती हैं ।

गर्मी सहने और उच्च दुग्ध उत्पादन के कारण इन्हें एशिया, अफ्रीका आदि देशों में भी निर्यात किया जाता है।

देखिए वीडियो –

साभार – http://www.indiadairyfarming.com/

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RW

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By Religion World November 6, 2017 4 min read
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