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स्वामी चिदानन्द सरस्वती ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित
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स्वामी चिदानन्द सरस्वती ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित

  • वैश्विक स्तर पर शान्ति और सामंजस्य स्थापित करने हेतु किये जा रहे अथक प्रयासों के लिये योगमाता फाउण्डेशन और महायोग फाउण्डेशन द्वारा पुरस्कृत

4 अगस्त, ऋषिकेश/दिल्ली। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को ’ब्रह्मऋषि पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। योगमाता फाउण्डेशन और महायोग फाउण्डेशन द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित अवार्ड समारोह में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को ’’ब्रह्मऋषि अवार्ड’’ से नवाजा गया। यह पुरस्कार वैश्विक स्तर पर शान्ति और सामंजस्य स्थापित करने हेतु किये जा रहे अथक प्रयासों के लिये दिया गया।

इस अवसर पर स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज, महामण्डलेश्वर जुना अखाड़ा स्वामी उमाकांतानन्द जी महाराज, अभिनेता, गायक और राजनेता श्री मनोज तिवारी जी, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता शक्ति कपुर जी, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता श्री प्रेम चोपड़ा जी, प्रसिद्ध अभिनेत्री ज़ीनत अमान, प्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा जी, कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भारत सरकार, श्री पुरूषोत्तम रूपाला, श्री सुशील सिंह जी, श्री छेदी पासवान जी और अन्य गणमान्य अतिथियों की पावन उपस्थिति में आध्यात्मिक गुरू पायलट बाबा जी ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को ’ब्रह्मऋषि अवार्ड’ से सम्मानित किया।

श्री पायलट बाबा जी ने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का जीवन और पूरा समय विश्व शान्ति और सामंजस्य के लिये समर्पित है। उन्होने पर्यावरण, जल और प्रकृति के संरक्षण के लिये अभुतपूर्व कार्य किया है, और निरंतर कर रहे है। वास्तव में वे आज के ब्रह्मऋषि हैं।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’जीवन को नये संकल्पों के साथ जियें। प्रकृति, पर्यावरण और मानवता की सेवा में अपने जीवन को समर्पित करना ही वास्तविक जीवन जीना है। उन्होने कहा कि अपने द्वारा कोई भी ऐसी गतिविधियां न करे जो समाज, राष्ट्र, विश्व और प्रकृति के लिये घातक हो। स्वामी जी ने कहा कि प्रकृति और मानवता के लिये मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। दुनिया में जितनी भी क्ररान्तियां हुई वह किसी व्यक्ति द्वारा नहीं बल्कि समुदाय के प्रयासों से सम्भव हुयी है अतः आईये एकजूट होकर प्रयास करें और भारत को दुनिया का सबसे स्वच्छ, शान्त और समृृद्ध राष्ट्र बनाने के लिये थोडा सा़ अपना भी परिश्रम लगाये।’’

विज्ञान भवन में आयोजित इस दिव्य अवार्ड समारोह में आये विशिष्ट अतिथियों के स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया और पर्यावरण को समर्पित जीवन जीने का संकल्प कराया।

RW

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By Religion World August 4, 2019 2 min read
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