- प्रकृति और प्रगति चले साथ साथ – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
- धर्म गुरूओं का संदेश एकता और सहिष्णुता का आदर्श स्तंभ – सर डोमिनिक असक्विट
- भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक असक्विट ने परमार्थ गंगा आरती में किया सहभाग
- पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने हरित सौगात रूद्राक्ष का पौधा किया भेंट
- परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों से सर डोमिनिक असक्विट और एंड्रयू आइरी का किया भव्य स्वागत

ऋषिकेश, 17 अगस्त। परमार्थ निकेतन, गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग करने हेतु भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक असक्विट और उनके साथ एंड्रयू आइरी, ब्रिटिश उप उच्चायुक्त चंडीगढ़ एवं आलम बेंस, राजनीतिक, प्रेस एवं परियोजना सलाहकार आज परमार्थ निकेतन पधारे। उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सर डोमिनिक असक्विट और एंड्रयू आइरी से भारतीय संस्कृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, बढ़ते प्रदूषण एवं ग्लोबल वार्मिग जैसे अनेक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। सर डोमिनिक असक्विट ने परमार्थ निकेतन द्वारा विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की उपलब्धता, शौचालय, वृक्षारोपण, नदियों के संरक्षण, गंगा स्वच्छता एवं शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे अमूल्य योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुये कहा की विभिन्न धर्मों के धर्म गुरूओं को एक साथ लाकर स्वच्छता की जो मुहिम चलायी है वह अनुकरणीय है इस मुहिम के द्वारा विश्व स्तर पर एकता और सहिष्णुता का एक आदर्श स्थापित हुआ है।
पूज्य स्वामी जी ने यूनाइटेड किगंडम में हिन्दूधर्म विश्वकोश के भव्य विमोचन के विषय में भी सर डोमिनिक असक्विट से चर्चा की। इस महाग्रन्थ का अन्तर्राष्ट्रीय विमोचन महारानी एलिजाबेथ सेेन्टर के भव्य हाल में वहां के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरून की मेजबानी में अक्टूबर 2014 में लन्दन में किया गया था। इस भव्य कार्यक्रम में कई राजनायिक एवं इग्लैण्ड के 1000 से भी अधिक संभ्रान्त गणमान्य लोगों नेे सहभाग किया था। भारतीय संस्कृति के प्रति वहां की सरकार और माननीय प्रधानमंत्री जी की लगन, मेहनत और समर्पण दिखाते हुये पूज्य स्वामी जी उन्हे धन्यवाद देते हुये कहा कि यह पूरे विश्व के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’भारतीय संस्कृति विश्व बन्धुत्व की संस्कृति है। पूरे विश्व में शान्ति स्थापित करने के लिये हमें भाईचारे की भावना को विकसित करना होगा। उन्होने कहा कि आज विश्व स्तर पर व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिये हम सभी का एकजुट होना नितांत आवश्यक है। उन्होने सभी से आहृवान किया कि वाटर, सैनिटेशन एवं हाइजीन’ के लिये मिलकर कदम बढ़ाये, प्रकृति और प्रगति को साथ साथ लेकर चले।’
पूज्य स्वामी जी ने सर डोमिनिक असक्विट और एंड्रयू आइरी जी को हिमालय की हरित सौगात रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया तत्पश्चात सभी ने पतित पावनी माँ गंगा की दिव्य आरती में सहभाग किया। पूज्य स्वामी जी ने गंगा आरती में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को स्वच्छ गंगा, स्वच्छ भारत का संकल्प कराया।
सर डोमिनिक असक्विट और एंड्रयू आइरी ने पूज्य स्वामी जी एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के साथ विश्व में स्वच्छ जल की उपलब्धता के लिये वाटर ब्लेंसिग सेरेमनी में सहभाग किया। उन्होने साध्वी भगवती सरस्वती जी का भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति समर्पण देखकर मुक्त कंठ से सराहना की।
सर डोमिनिक असक्विट और एंड्रयू आइरी ने परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित विश्व शौचालय काॅलेज एवं परमार्थ आश्रम का भ्रमण कर पाठ्यक्रम की जानकारी प्राप्त की। उन्होने विश्व शौचालय काॅलेज द्वारा संचालित पाठ्यक्रम को हर विद्यालय एवं काॅलेज के लिये आवश्यक बताया।
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