डाॅक्टर्स डे पर फिट इण्डिया काॅन्क्लेव का आयोजन
ऋषिकेश, 1 जुलाई; डाॅक्टर्स डे के पूर्व फिट इण्डिया काॅन्क्लेव का आयोजन ली मेरिडियन होटल, नई दिल्ली में किया गया जिसमें परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, आचार्य बालकृष्ण जी, अध्यक्ष प्रबंध निदेशक केन्ट आर. ओ. श्री महेश गुप्ता जी, डाॅ सुनीता चैबे जी और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

आज के कार्यक्रम का शुभारम्भ पद्म श्री और पद्म विभूषण सरोजा वैद्यनाथन जी के भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों का स्वागत डाॅ सुनीता दुबे जी ने किया। फिट इण्डिया काॅन्क्लेव में पैनल ने वर्ष 2030 तक स्वास्थ्य के विषय में एजेंडा तैयार कर उस पर विस्तृत चर्चा की।

पैनल को सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि स्वच्छता, हरियाली, स्वच्छ जल और स्वास्थ्य का घनिष्ठ सम्बंध है। स्वच्छता, हरियाली और स्वच्छ जल के अभाव के बिना हम उत्तम स्वास्थ्य की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होने कहा कि वास्तव में हमें स्वस्थ समाज का निर्माण करना है तो क्लाइमेट स्मार्ट सिटीज और विलेज का निर्माण करना होगा जिसमें विशेष रूप से अपशिष्ट का प्रबंधन, ऊर्जा का कुशल उपयोग, स्वच्छ जल की आपूर्ति हरित गलियारा जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देना होगा ताकि हम स्वच्छ, स्वस्थ और स्थायी भविष्य का निर्माण कर सके।
स्वामी जी ने कहा कि भारत में गावों से पलायन कर लोग शहरों में बस रहे है और शहर बड़े और भारी आबादी वाले होते जा रहे है। कहा जा रहा है कि वर्ष 2050 तक शहरी आबादी लगभग 81.4 करोड़ हो जायेगी ऐसे में शहरों को स्वच्छ, हरित और स्वच्छ जल की आपूर्ति से युक्त रखना एक बड़ी चुनौती है। उन्होने कहा कि हम दवाओं के सहारे नहीं बल्कि प्राणवायु ऑक्सीजन के कारण जिंदा है अतः हमें जिंदा रहने के लिये वृक्षारोपण करना चाहिये। हमारी जीवन जीने की पद्धति योग, ध्यान और आयुर्वेद युक्त होना चाहिये तभी हम जिंदा रह सकते है अपनी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रख सकते है।

आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि योग और आयुर्वेद से युक्त जीवन पद्धति ही सबसे श्रेष्ठ है। ऋषियों की हजारों वर्षो की तपस्या का परिणाम और प्रसाद है। आज जो हम व्याधियों को देख रहे है वह हमारे द्वारा फैलाये प्रदूषण का परिणाम है। अभी भी हम प्राकृतिक जीवन पद्धति अपनाकर स्वस्थ जीवन यापन कर सकते है। आईये आयुर्वेद और योगमय जीवन को अपनायें।
कार्यक्रम के पश्चात स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और आचार्य बालकृष्ण जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध इण्डिया बनाने का संकल्प कराया।
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