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ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में योग और आध्यात्मिक सत्र से किया नव वर्ष का स्वागत

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में योग और आध्यात्मिक सत्र से किया नव वर्ष का स्वागत

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में योग और आध्यात्मिक सत्र से किया नव वर्ष का स्वागत
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ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में योग और आध्यात्मिक सत्र से किया नव वर्ष का स्वागत

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में योग और आध्यात्मिक सत्र से किया नव वर्ष का स्वागत

  • परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय योग शिविर के समापन के साथ हुआ नव वर्ष का शुभारम्भ
  • स्पेन राजदूत, बहामा राजदूत, टर्की के राजदूत, वियतनाम के राजदूत, मालदीव के राजदूत, गिनी बिसाऊ के राजदूत, सिंगापुर व चीन से आये विशिष्ट अतिथि एवं विश्व के गणमाण्य अतिथियों ने परमार्थ गंगा आरती में किया सहभाग
  • नव वर्ष को शराब के साथ नहीं बल्कि साधना; फोन के साथ नहीं बल्कि मौन; वाई फाई कि साथ नहीं बल्कि वाई आई; वाइन के साथ नहीं बल्कि डीवाईन होकर; शोर के साथ नहीं बल्कि शान्ति के साथ मनाये-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 1 जनवरी। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में विख्यात योगाचार्यो द्वारा  तीन दिवसीय नव वर्ष योगा सत्र का आज ’योग करो मौज करो’ के महासंकल्प के साथ समापन हुआ। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर वेद मंत्रों के साथ, यज्ञ करते हुये प्रकृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण का लिया संकल्प। नव वर्ष के आगमन पर प्रातःकाल यज्ञ मंत्रों एवं वेद के विद्वानों द्वारा वेद पाठ करते हुये सभी श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति की और अपने देश और राष्ट्र के लिये स्वयं की आहुति देने का संकल्प कराया।

विश्व के अनेक देशों से आये सैकड़ों लोगों ने नव वर्ष को नये ढ़ंग से मनाया स्वामी जी महाराज ने कहा कि, ॥ न भारतीयो नववत्सरोऽयं तथापि सर्वस्य शिवप्रदः स्यात्। यतो धरित्री निखिलैव माता ततः कुटुम्बायितमेव विश्वम्। माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथ्विब्याः॥ यद्यपि यह भारतीय नव वर्ष नहीँ है, तथापि सबके लिए कल्याणप्रद होय क्योंकि सम्पूर्ण धरती माता है। अतएव एक ही भूमि के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व को कुटुम्ब ही मानना चाहिए। ॥पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाः  शुभाशयाः समेषाँ कृते॥ इस कारण आपको, सपरिवार एवम् बन्धु बान्धव सहित पाश्चात्य ’’ पुनः हम चैत्र प्रतिपदा पर भी नव वर्ष मनायेगे।

परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के आध्यात्मिक उद्बोधन, साध्वी भगवती सरस्वती जी के सत्संग व ध्यान की विभिन्न विधाओं के साथ, योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती जी द्वारा अष्टांग योग, हठ योग और योग निद्रा सत्र, योगाचार्य एच एस अरूण जी द्वारा अयंगर योग, योगाचार्य इन्दू शर्मा जी द्वारा सूक्ष्म योग तथा अन्य विख्यात योग साधकों द्वारा पांच दिवसीय योग शिविर का समापन हुआ।

पांच दिवसीय सत्र में प्राणायाम, योगआसन, आध्यात्मिक प्रश्नोत्तरी, मौन सत्र, सूर्य उदय, सूर्य अस्त साधना, ध्यान, मंत्र उच्चारण साधना, हवन और अन्य आध्यात्मिक सत्रों का आयोजन किया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’वैसे तो नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में हिन्दू नव सवंत्सर होता है परन्तु पूरे विश्व में एक चाल सी चल पड़ी है की सभी 1 जनवरी को नव वर्ष मनाने लगे है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को बंसतोत्सव के रूप में नववर्ष महोत्सव का आरंभ होता है। जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी तब से इसे नव वर्ष के रूप में माना जाता है।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’हम नव वर्ष को आध्यात्मिक रूप से मनाये; नव वर्ष को शराब के साथ नहीं बल्कि साधना के साथ मनाये;  फोन के साथ नहीं बल्कि मौन के साथ मनाये; वाई फाई कि साथ नहीं बल्कि वाई आई के साथ मनाये; वाइन के साथ नहीं बल्कि डीवाईन होकर मनाये; शोर के साथ नहीं बल्कि शान्ति के साथ मनाये और सोचे की मैं क्यूं हूँ इस धरा पर, मेरे जीवन का क्या उद्देश्य है, मुझे कैसे जीना है, मुझे एक सकारात्मक नयी शुरूआत करनी है इन सकारात्मक विचारों के साथ मनायें। विगत वर्ष के सभी नकारात्मक विचारों को त्याग कर; नकारात्मक चितंन को छोड़ कर  सकारात्मक सोच के साथ नव वर्ष की शुरूआत करे।’’

सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया तथा आरती में सहभाग करने आये विशिष्ट अतिथियों यथा स्पेन के राजदूत, बहामा राजदूत, टर्की के राजदूत, वियतनाम के राजदूत, मालदीव के राजदूत, गिनी बिसाऊ के राजदूत, सिंगापुर व चीन से आये विशिष्ट अतिथि को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर नव वर्ष की शुभकामनायें एवं आशीर्वाद दिया और संकल्प कराया की विश्व के सभी देश मिलकर जल संकट को दूर करने के लिये कार्य करेंगे तो बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में सभी विशिष्ट अतिथियों ने वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी समपन की।

इस अवसर पर राजदूत जोस और स्पेन के अन्ना, मोल्दोवा और पत्नी के महावाणिज्य दूत, टर्की और पत्नी के राजदूत, कौंसल गिन्नी बिसाऊ कमाल और पत्नी संगीता, वियतनाम और परिवार के राजदूत, आदेश गुप्ता और पत्नी, कौंसल बहामास के वाणिज्यदूत-आशीष सराफ, राजदूत स्पेन जोस आर बारानानो और अन्ना, राजदूत वियतनाम फाम सँ छौ, तुर्की के राजदूत साकिर ओजकान टोरुनलर, महावाणिज्यदूत बहामास आशीष सराफ, गिनी बिसाऊ कमल और पत्नी संगिता के पूर्व महावाणिज्यदूत, हिमांशु सोनी और शीतल सोनी (गौतम बुद्ध और आगामी टीवी सीरियल में आदि शंकराचार्य की भूमिका निभाएंगे), अनिरुद्ध दवे और शुभी आहुजा (नए शो के मुख्य लीड सोनी टीवी पटियाला बॉयज, यारो का टशन), नकुल मेहता (स्टार प्लस प्यार का दर्द मीठा मीठा सा), क्रांति प्रकाशजी (जीत डिस्कवरी बाबा रामदेवजी) आये विशिष्ट अतिथि को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर नव वर्ष की शुभकामनायें एवं आशीर्वाद दिया।

ईश्वर आप सभी को नूतन वर्ष में सुख, शांति, शक्ति, सम्पत्ति, ,संयम, सादगी, सफलता, समृद्धि, साधना, संस्कार, और स्वास्थ्य प्रदान करे। नये साल की अनेक शुभकामनाओं के साथ आप और आपके परिवार को परमार्थ परिवार की तरफ  से नये वर्ष  की हार्दिक शुभ कामनाएं ।

RW

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By Religion World January 1, 2019 5 min read
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