RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

सरल प्राणायाम: ज्यादा व्यस्त रहने वालों के लिए उत्तम प्राणायाम

सरल प्राणायाम: ज्यादा व्यस्त रहने वालों के लिए उत्तम प्राणायाम

सरल प्राणायाम: ज्यादा व्यस्त रहने वालों के लिए उत्तम प्राणायाम
Visual Archive

सरल प्राणायाम: ज्यादा व्यस्त रहने वालों के लिए उत्तम प्राणायाम

सरल प्राणायाम: ज्यादा व्यस्त रहने वालों के लिए उत्तम प्राणायाम

आज के युग में बहुत से लोगो के पास कहीं जा कर प्राणायाम के लिए समय देना थोड़ा मुश्किल होता है. जिस कारण वह चाह कर भी प्राणायाम का लाभ नहीं ले पाते है.

प्रत्येक प्राणायाम की अपनी अपनी विशेषता होती है. जिसे करने से शरीर को कई फायदे मिलते है. कुछ प्राणायाम ऐसे होते है जिन्हे हम आसानी से कर पाते है और कुछ प्राणायाम ऐसे होते है जो कठिन होते है और उन्हें किसी प्रशिक्षक की देखरेख में ही सीखा जा सकता है.

आज हम आपको ऐसे प्राणायाम के बारे में बता रहे है जिसे आप बड़ी ही सरलता से अपने सुविधाजनक स्थान पर कर पाएंगे और इसके लिए आपको ज्यादा समय देने की आवश्यकता भी नहीं होगी. चलिए जानते है सरल प्राणायाम की विधि और उसमें बरतने वाली सावधानियां-

यह भी पढ़ें – Isha Kriya: शांति, ख़ुशी और उत्साह प्रदान करती है ईशा क्रिया

सरल प्राणायाम को करने की विधि:-

  1. प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले एक शांत स्थान पर मेट को बिछा ले.
  2. फिर उस पर सुखासन या फिर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाए.
  3. इस मुद्रा में आपके सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे.
  4. इसके बाद बाए हाथ से नाक के दाए छेद को बंद करके नाक के बाए छेद से धीरे धीरे हवा को अंदर की तरफ ले.
  5. जब पूरी तरह से हवा अंदर भर जाए तो एक सेकंड के लिए हवा को अंदर ही रोक कर रखे.
  6. इसके बाद नाक के बाए छेद को बंद करके दाए छेद से अंदर की हवा को धीरे धीरे करके बाहर की ओर छोड़े.
  7. अब फिर से बाए छेद को बंद करके दाए छेद से धीरे धीरे हवा को अंदर ले और 1 सेकंड के लिए हवा को अंदर ही रोक कर रखे.
  8. फिर दाए छेद को बंद करके बाए छेद से हवा को बाहर निकाले.
  9. इस तरह आपको सबसे पहले बाए छेद से हवा को खींचकर रखना है और फिर दाए छेद से हवा को छोड़ना और साँस को बाहर ही रोक कर रखना होना है.
  10. इसके बाद नाक के दाए छेद से हवा को अंदर खींचना और बाए छेद से बाहर निकालना होता है.
  11. इस संपूर्ण प्रक्रिया को 10 से 20 बार दोहराना चाहिए .

यह भी पढ़ें – Self Enquiry Meditation: आंतरिक स्वतंत्रता और शांति प्रदान करता है आत्म विचार ध्यान

सरल प्राणायाम को करते समय सावधानियां

  • गर्भवती महिलाको यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए. साथ ही 12 साल से छोटे बच्चों को भी यह प्राणायाम ना करवाए.
  • यदि किसी व्यक्ति को साँस लेने में कठिनाई होती है या फिर प्राणायाम करते समय चक्कर आने लगे तो भी इस प्राणायाम को ना करे.
  • इस अभ्यास को 2 मिनट से ज्यादा ना करे.नियमित अभ्यास होने पर ही इसके समय को बढ़ाये.
  • प्राणायाम को सुबह के समय खाली पेट करना चाहिए.
  • प्राणायाम को हमेशा शांत मन से करना चाहिए.इसके लिए जल्दी न करे नहीं तो इसके सही लाभ से वंचित हो जायेंगे.

 

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta June 13, 2018 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

News

क्यों ज़रूरी है रोज़ 5 मिनट ध्यान करना?

क्यों ज़रूरी है रोज़ 5 मिनट ध्यान करना? आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में मन का शांत रह पाना अक्सर मुश्किल लगता है। मोबाइल नोटिफिकेशन, काम का दबाव,…

Read now
Meditation

कोरोना से बचाव : जानिये प्राणायाम से कैसे बढ़ता है ऑक्सीजन लेवल

कोरोना काल में सेहत का जितना ध्यान रखा जाए बेहतर होगा। कोरोना काल में प्राणायाम कितना फायदेमंद है। आइये जानते हैं- प्राणायाम से बढती है इम्युनिटी प्राणायाम इम्यूनिटी…

Read now
Ayurveda

कोरोनाकाल में लाभ पहुंचा सकता है जलनेति का अभ्यास

योग में कई ऐसी क्रियाएं हैं, जिनके अभ्यास से आपकी शारीरिक और मानसिक समस्याएं हल की जा सकती हैं. जलनेति ऐसी ही एक योगिक क्रिया है. इसे श्वसन…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *