सूर्य राशि बदलकर तुला से वृश्चिक में आए : 12 राशियों पर असर

16 नवंबर 2018 (शुक्रवार) को सूर्य राशि बदलकर तुला से वृश्चिक में आ गए हें। इस राशि में पहले से ही गुरु और बुध ग्रह स्थित है। सूर्य के वृश्चिक में जाने से गुरुतारा अस्त हो गया है।
सूर्य, वृश्चिक राशि मे 16 दिसंबर 2018 तक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार सूर्य के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर हो रहा है।
आत्मकारक सूर्य किसी भी जातक के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उसे तमाम विषम परिस्थितियों से लोहा लेने की ताकत प्रदान करते हैं। ऐसे में जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी है या फिर वो अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते हैं, उन्हें प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें जल अर्पित करना चाहिए । वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल है जो कि सूर्य के मित्र हैं।
सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन असंभव हैं। क्योंकि सूर्य से ही जीवन संभव नहीं हैं। हांलाकी सूर्यदेव सिंह राशि के स्वामी है और इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। अग्नितत्व प्रधान ग्रह माना जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य का प्रभाव जीवन में सम्मान, सफलता, उन्नति, पिता के साथ संबंध और उच्च पद आदि की संभावनाएं प्रकट करता है। लेकिन जातक की कुंडली में सूर्य की कमजोर स्थिति स्वास्थ्य, सम्मान, प्रगति, उच्च पद व पिता को प्रभावित करती है।
पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि ज्योतिष में नवग्रहों का राजा सूर्य है और सूर्य ग्रह हर महीने राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं तो उसे संक्रांति कहते हैं। कुंडली में उसके ग्रहों की स्थिति को देखकर कर सकते हैं। यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ व अच्छी होती है तो जातक के जीवन में हर जगह सफलता प्राप्त करता है क्योंकि वैदिक ज्योतिष में सूर्य को सफलता प्रदान करने वाला, राजशाही गौरव दिलाने वाला और विभिन्न स्थानों पर उच्च पद प्राप्ति का कारक माना गया है।
जानिए सूर्य के वृश्चिक राशि में गमन के आपकी राशि पर क्या होगा असर…
मेष– अभी नुकसान हो सकता है। कुछ समय बाद समय में सुधार होगा। सभी कार्य समय पर पूरे होने लगेंगे। अच्छी आय भी प्राप्त होगी। कहीं घूमने जाने का मौका प्राप्त होगा। वाणी में संयम बरतें। शत्रु पर विजय पाने हेतु आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ– अभी का समय आपके लिए अच्छा रहेगा। आय होती रहेगी। मित्रों की सहायता प्राप्त होगी। सुविधाएं भी मिलेगी, लेकिन व्यय भी अधिक होगा। ध्यान रखें घर में विवाद भी हो सकते हैं। वृषभ राशि के लिए सूर्य सप्तम स्थान पर होगा। यहां सूर्य शत्रुता का भाव रखता है, लेकिन यह लग्नेश बुध का मित्र है तो अशुभ नहीं होगा। इस समय आपके द्वारा किये गए परिश्रम का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा।
मिथुन– आपके लिए समय अच्छा है, लेकिन अतिआत्मविश्वास से नुकसान की संभावना है। संयम में रहें। रुका धन प्राप्त होने का योग है। सरकारी कार्यों में बाधा के बाद सफलता प्राप्त होगी। मिथुन राशि के लिए सूर्य षष्ठ भाव में होगा। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य कि यह स्थिति ‘पराक्रम भंग‘ योग बनाती है। जातक की नौकरी में बाधा आ सकती है। पराक्रम वृद्धि हेतु जातक सूर्ययाग करें।
कर्क– अब आपके समय में सुधार होगा। आय अच्छी होगी और मन प्रसन्न रहेगा। घूमने जाने का मौका मिलेगा। बेहतर व्यवस्थाओं के साथ कार्य प्रारंभ होगा। नए काम मिलेंगे। कर्क राशि के लिए सूर्य पंचम भाव में होगा। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शुभ फलदायी होगा। जातक को अपने परिवार से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। उपाय हेतु जातक अपनी किसी भी खानदानी परम्परा को न तोड़ें व अपनी वादे पर कायम रहें।
सिंह– अभी सावधान रहें, नुकसान हो सकता है। खर्चे भी ज्यादा होंगे। यात्रा में कठिनाई हो सकती है। कुछ दिन बाद समय सुधार होगा। आय बढ़ेगी और नए काम भी मिलेंगे। सिंह राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य चतुर्थ भाव में होगा। यहां सूर्य राशेश है, तो कभी भी अशुभ फल नहीं देगा। उच्च पद, उच्चवाहन, उच्च प्रतिष्ठा की प्राप्ति हेतु ‘सूर्ययोग‘ करें।
कन्या– आपके लिए समय शानदार रहेगा। आय बेहतर रहेगी और सहयोग भी प्राप्त होगा। योजनाएं सफल होंगी। कुछ दिनों बाद समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कन्या राशि के लिए सूर्य तृतीय स्थान पर होगा। सूर्य व्ययेश होने कारण यहां हानि पहुंचायेगा। शांति हेतु सूर्य अर्घ्य का विधान करें।
तुला– कार्य योजनाबद्ध ढंग से संपंन्न होंगे और आय भी बेहतर बनी रहेगी। यात्राएं सुखद होंगी। नए लोगों से मुलाकात होगी और दिखावे पर ज्यादा ध्यान रहेगा। अच्छा समय रहेगा।
वृश्चिक– समय पक्ष का रहेगा। आय में वृद्धि होगी और नए काम की प्राप्ति भी होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अटके धन की प्राप्ति होगी। कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि के लिए सूर्य दशमेश होने से राजयोग का कारक है। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शुभ फलदायी होगा। जातक को पिता की ओर से पूर्ण लाभ होगा, लेकिन सचेत रहें जातकों को पेट से सम्बंधित कोई परेशानी हो सकती है। जातक सूर्य मंगल स्त्रोत का पाठ करें।
धनु– अभी अशांति बनी रहेगी। आय कम और विवाद की स्थितियां बनेंगी। अनावश्यक उलझनें भी हो सकती हैं। कुछ दिन बाद मित्रों और परिवार के सहयोग से धन की आवक में सुधार होगा।
मकर– आपके लिए स्थितियां अनुकूल रहेंगी। धन की आवक अच्छी बनी रहेगी। नए संबंध लाभदायी होंगे। योजनाएं सफल होंगी। कुछ दिन बाद परेशानियां आ सकती हैं। विरोधियों को परास्त होंगे। मकर राशि के लिए सूर्य एकादश भाव में होगा। यहां सूर्य अशुभ ग्रहों के सानिध्य से मारक का भी कार्य करेगा, लेकिन व्यापार की ओर से जातक को लाभ होगा। स्वभाव में उग्रता न लाएं। उपाय हेतु रविवार का व्रत करें, लाभ मिलेगा।
कुंभ– अचानक धन प्राप्ति का योग बन रहा है। नया काम करने का मन बनेगा। कुंभ राशि के लिए सूर्य दशम भाव में होगा। जातक को जीवनसाथी की ओर से लाभ प्राप्त होगा। यदि जातक नौकरी की खोज कर रहे हैं, तो यह समय उत्तम है। जातक उपाय हेतु सूर्य मंगल स्त्रोत का पाठ करें। यात्राओं को टालने की इच्छा होगी। समस्याओं का निदान करने में सफल होंगे। अच्छा समय रहेगा। विरोधियों पर नियंत्रण रहेगा।
मीन– समय पक्ष का रहेगा। प्रसन्नता आएगी और शत्रु का सामना अच्छी तरह कर पाएंगे। विरोधियों की सक्रियता समाप्त होगी। धन की आवक भी अच्छी बनी रहेगी। संतान से सहयोग प्राप्त होगा।मीन राशि के लिए सूर्य नवम भाव में होगा। यहां सूर्य अशुभ फलदायी है। जातक किसी कोर्ट–केस में उलझ सकता है। उपाय हेतु जातक पिता की नि:स्वार्थ सेवा करें।
गणना – ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री
Editorial Review Note
Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply