धनतेरस वाले दिन बर्तन, सोना और चांदी क्यों खरीदते है ?
धनतेरस का पर्व आ गया है और दीपावली का रंग चारो ओर नज़र आ रहा है. धनवंतरि जी को देवताओं का चिकित्सक और आयुर्वेद के रचयिता भी कहा जाता है. जैसा की पहले बताया है कि भगवान धनवंतरी कलश लेकर प्रकट हुए थे और इसमें अमृत भरा हुआ था , क्योंकि धनवंतरी जी के हाथों में अमृत से भरा हुआ कलश था और वह आयुर्वेद/चिकित्सा पद्ति के रचनाकार है , तो ऐसी मान्यता है कि बर्तनों के खरीदने से घर में भी स्वास्थ्य आता है ,इसलिए धनतेरस वाले दिन बर्तन ख़रीदे जाते है.
यह भी पढ़ें-Dhanteras : क्या है धनतेरस का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
क्या है सामाजिक दृष्टिकोण

अगर हम अपने बुजुर्गों द्वारा बनाई गयी धारणायों की भी बात करे तो एक कहावत काफी प्रसिद्ध है ‘पहला सुख निरोगी काया ,दूजा सुख घर में माया’ यानी की सर्वप्रथम इंसान का निरोगी होना अति आवश्यक है ,धन-सम्पति भी बाद में आती है. दिवाली का त्यौहार भी धनतेरस के दो दिन बाद आता है ,यानी की पहले निरोग रहने का त्यौहार और फिर बाद में धन-सम्पति का त्यौहार.
यह भी पढ़ें-धनतेरस, दीपावली से लेकर अन्नकूट तक रोज जलाएं दीपक : जानिए दीपक का महत्व
क्या है वैज्ञानिक दृष्टिकोण

धनतेरस पर सोना और चांदी जैसी धातुओं को खरीदना अच्छा माना जाता है. इस मौके पर लोग धन की वर्षा के लिए नए बर्तन और आभूषण खरीदते हैं. ऐसी मान्यता है कि धातु नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करती है. यहां तक कि धातु से आने वाली तरंगे भी थेराप्यूटिक प्रभाव पैदा करती है. इसलिए धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदन परंपरा सदियों से चली आ रही है. हालांकि इस मौके पर सिर्फ सोने और चांदी की ही नहीं बल्कि कई अन्य सामान भी लोग खरीदते हैं.
——————————————–
रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.
Editorial Review Note
Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply