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योगासन और व्यायाम: जानिए क्या है योगासन और व्यायाम में अंतर

योगासन और व्यायाम: जानिए क्या है योगासन और व्यायाम में अंतर

योगासन और व्यायाम: जानिए क्या है योगासन और व्यायाम में अंतर
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योगासन और व्यायाम: जानिए क्या है योगासन और व्यायाम में अंतर

कोरोना काल के दौरान ज़्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हो गये हैं. इस दौरान खुद को बचाकर रखना है तो योगासन, व्यायाम, प्राणायाम इन चीजों को अपनाना ही पड़ेगा.  इनसे न केवल हमारा शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन भी स्वस्थ रहता है.  तो चलिए आज हम बात करते हैं योगासन और व्यायाम में अंतर की.



योगासन और व्यायाम का अपना अपना महत्व

अक्सर लोग योगासन तथा व्यायाम दोनों को एक ही समझ लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. इन दोनों का अपना-अपना महत्व होता है. सबसे पहले तो ये जान लें कि योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं है, क्योंकि व्यायाम एक तरह से शारीरिक प्रक्रिया है लेकिन जब हम योग करते हैं तो इससे शारीरिक, मानसिक एवं भावानात्मक प्रक्रिया भी होती है. योगासन हमारे शरीर की स्थिरता को बनाए रखता है जबकि व्यायाम शरीर की गतिशीलता को बढ़ाता है।

यह भी पढ़ें-योग और आध्यात्म : जानिये कैसे योग और आध्यात्म हैं एक दूसरे के पूरक

योग और व्यायाम में अंतर

जब हम व्यायाम करते हैं तब अपनी सांसों पर ध्यान नहीं देते और सांसें काफी तेज हो जाती हैं. इससे शरीर बाहर से बलिष्ठ दिखाई देता है।  योग में सांसों पर संतुलन सिखाया जाता है और आसन के आधार पर सांस लेनी होती है. योगासन करने से आंतरिक अंगों पर अधिक प्रभाव पड़ता है.

मांसपेशियों पर प्रभाव

योगासन से शरीर लचीला रहता है जबकि व्यायाम से मांसपेशियों में सख्त आ जाता है. व्यायाम तीव्रता और प्रबलता पर जोर देती है, जिससे मांसपेशियों को नुकसान भी पहुंच सकता है. योगासन धीमी गति से किया जाता है और सहनशक्ति बढ़ाता है. योग से मांसपेशियां कमजोर नहीं होती हैं.

पाचनशक्ति पर प्रभाव

व्यायाम करने से पाचन शक्ति तेज हो जाती है इसकी वजह से व्यक्ति को ज्यादा भूख भी लगती है लेकिन वहीं बात करें योगासन की तो इससे  से पाचन शक्ति धीरे होती है जिससे भूख कम होती है और इंसान कम खाने लगता है.

व्यायाम करने से ऊर्जा तेजी से खर्च होती है जिससे आप जल्दी थक जाते हैं. वहीं योगासन करने से ऊर्जा धीरे-धीरे खर्च होती है जिससे आप थकते नहीं बल्कि तरोताजा महसूस करते हैं.

जगह और साधन

व्यायाम के लिए आपको पर्याप्त जगह और साधन की जरूरत होती है लेकिन वहीं बात करें योग की तो इसके लिए आपको सिर्फ एक मैट और थोड़ी सी जगह की जरूरत होती है.

व्यायाम करते समय आपको अपना ध्यान केन्द्रित नहीं करना होता जबकि योग करते समय आपको अपनी सांसों और आसान पर ध्यान केन्द्रित करना होता है जिससे शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ती है. इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है तथा इन्द्रियों को वश में करने की शक्ति आती है.



योग सिद्धांत पर आधारित

व्यायाम में कोई सिद्धांत नहीं होता जबकि योग पांच सिद्धांतों पर आधारित है: सही भोजन, सही सोच, सही सांसें, नियमित व्यायाम और आराम.

व्यायाम हर उम्र का इंसान नहीं कर सकता जैसे की वृद्ध या बीमार व्यक्ति. योग हर उम्र का व्यक्ति कर सकता है. बीमार इंसान भी कुछ आसान सांसों की क्रिया कर सकता है.

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By Shweta October 15, 2020 3 min read
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